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Thursday, September 20, 2012


Tuesday, August 21, 2012

चालबाज पडौसी आतंकी दरिन्दे भेजता रहा,
हम जेलों में उन्हें चिकन, बिरयानी परोसते रहे...
पाक जेहाद के नाम पर तबाहियाँ मचाता रहा,
हम भाई-भाई कहते हुए दोनों हाथ जोड़ते रहे...
पेंसठ सालों से माँ भारती को घाव दिए जा रहा,
हम गाँधी जी के बन्दर बने तामाशा देखते रहे...
आज इस्लामाबाद ने हिन्दुस्तान को जला दिया,
किन्तु दिल्ली वाले सियासी रोटियाँ सेकतें रहे...

Sunday, August 12, 2012

माँ भारती का एक लाल ऐसा भी


लंदन के दंगल में सिंह सा दहाड़ता जो,
माँ भारती का एक लाल ऐसा भी
कुश्ती के अखाड़े में प्रतिद्वंदियों को पछाड़ता जो,  
माँ भारती का एक लाल ऐसा भी 
महाबली सा बलवान हाथी सा चिंघाड़ता जो,
माँ भारती का एक लाल ऐसा भी 
गोरो की जमीं पर तिरंगा गाढ़ता जो,
माँ भारती का एक लाल ऐसा भी