नमस्कार...


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Saturday, January 14, 2012

स्वामी रामदेव पर काली स्याही-


योग गुरु स्वामी रामदेव पर काली स्याही डालने के विरोध में एक छंद प्रस्तुत है...

अजमल-अफज़ल को परोस मटन-चिकन-बिरयानी,
..................आतंकी उग्रवादियों को पालने लगे है लोग देश में
राष्ट्रधर्म, संस्कृति की बातें ना करना यहाँ कभी,
...................देशप्रेमियों पर कालिख डालने लगे है लोग देश में 
करोड़ों बांग्लादेशी घुसपैठियों को तो बाहर ना कर सके,
...................एक नेपाली का मुद्दा उछालने लगे है लोग देश में
काले धन की तिजोरियों पर आँच ना आने पायी,
.................किन्तु फकीरों के कटोरें खंगालने लगे है लोग देश में 
-विभोर गुप्ता 

Thursday, January 12, 2012

स्वामी विवेकानंद क्यूं नहीं है पैदा हो रहे-


आज "स्वामी विवेकानंद जयंती" और "युवा दिवस" पर एक छंद प्रस्तुत करता हूँ-

शिकागो में अपने धर्म का परचम फहराने वाले,
                हिन्दुस्तानी अपने आदर्श, मान, सम्मान कहाँ खो रहे
सभ्यता, संस्कृति, संस्कार के धनी देश वाले,
                पश्चिम के रीति-रिवाजों को अपनी पीठ क्यूं है ढो रहे 
युवाओं की ख़ामोशी और देश की बदहाली देख,
                   श्री रामकृष्ण परमहंस आज आँखें भर-भर रो रहे 
युवाओं को जगाने हेतु बने जो विवेकानंद,
                 ऐसे नरेंद्र भला आज देश में क्यूं नहीं है पैदा हो रहे 
-विभोर गुप्ता 

Tuesday, January 10, 2012

मूर्तियों पर पर्दें-


उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग द्वारा बहनजी की और हाथी की मूर्तियों पर पर्दें ढके जाने के सन्दर्भ में दो छंद-

यू पी में मूर्तियों पर परदें पड़ने लगे है,
                    चुनाव आयोग पर ना इसका कोई इल्जाम दीजिये
अरे हाथ ना कटा कोई, और फूला ना हटा कोई,
                    साइकिल के भी ना ढकने को ना बदनाम कीजिये
ये तो बहनजी का आवेदन था आयोग से,
                        बतलाता हूँ राज़ तुम्हे, बस दिल थाम लीजिये
बारिश, ओलों में सर्दी बढ़ने लगी थी,
                  बोली बहन जी इन्हें सर्दी से बचने का भू काम कीजिये

देखो-देखो यारों, एक महावत है वहां कोई,
                  जो अपने हाथी को ढके हुए लिए जा रहा
अरे क्या तेरे हाथी को भी सर्दी लगी है
                     पूछा लोगों ने क्यूं इसे चादर उढ़ा रहा
बोला महावत इसे सर्दी तो लगी नहीं है भाई,
                    पर चुनाव आयोग का डंडा मुझे कंपा रहा
कल हाथियों को ही ढकने के लिए ही ना बोल दे,
                 इसीलिए मैं खुद ही इसे चादर से ढके जा रहा 
-विभोर गुप्ता 

Thursday, January 5, 2012

राजनीति की नीतियाँ-


उ.प्र. में दागी मंत्री बाबु सिंह कुशवाहा को भाजपा में शामिल किये जाने पर एक मुक्तक-

राजनीति की नीतियाँ मुझको अखरने लगी है
गद्दी कब्जाने को बीजेपी भी ऐसा करने लगी है
कल तक दागियों को खुलेआम कोसा करती थी
आज अपने ही घर में दागियों को भरने लगी है|

Saturday, December 31, 2011

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें-

मेरे मौला इस नव वर्ष में देश की माटी को ऐसा वरदान देना
बन जाए भारत विश्व गुरु फिर से, विश्व में वो पहचान देना
शीष उठा कर जिये हिन्दुस्तानी, जहाँ में  ऐसा सम्मान देना 
नव वर्ष की मंगल बेला पर भारत भू को आन-बान-शान देना

शत्रु ना देख पाए आँख उठा कर भी, गद्दी को वो स्वाभिमान देना
प्रेम-भाव हो चारो और, जन-जन में सत्य, धर्म और ईमान देना 
भ्रष्ट, दुष्ट, पापियों को भी सदबुद्धिबल और सद्ज्ञान देना
राम-राज का हो सपना साकार धरा पर राम-कृष्ण जैसे भगवान् देना

आप सभी मित्रो को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें| ईश्वर आपके जीवन में सुख, समृद्धि, सम्पन्नता, ऐश्वर्य, और सफलता प्रदान करें|
-विभोर गुप्ता 

Wednesday, December 21, 2011

श्रीमदभगवद गीता पर प्रतिबंध-


हाल ही में रूस द्वारा श्रीमद भगवद गीता पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है| इस सन्दर्भ में मेरी एक नई रचना कुछ मुक्तकों द्वारा..... आप सभी के स्नेह एवं आशीष को आतुर...

आज कृष्ण पूछ रहे अर्जुन से एक सवाल देश में
भगवत गीता पर कैसा मचा हुआ बवाल विदेश में
हिन्दुस्तानी  संस्कृति, सभ्यता पर प्रतिबंध लगने लगा
किन्तु सत्ता लोभियों के रक्त में नहीं कोई उबाल देश में |

चुप्पी  क्यों साधे है हिन्दू, अपने विशाल देश में
कोई दूसरा धर्म होता तो आ जाता महाकाल देश में
रणभूमि में कर्म की रीत को पढ़ाने वाले पाठ का
अपमान हो रहा, आदर्श और शिष्टाचार से कंगाल देश में |

राम, कृष्ण की भूमि पर हो रहे अजब कमाल देश में
सिंहों का वंश ओढ़े हुआ गीदड़ की खाल देश में
आज गीता पर प्रतिबंध, कल रामायण पर लगेगा
हिन्दू संस्कृति को नष्ट करने की है ये चाल विदेश में |
-विभोर गुप्ता