नमस्कार...


मैं विभोर गुप्ता आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ | इस ब्लॉग पर आपको मेरी काव्य रचनाओं का संग्रह मिलेगा |
मेरी वेबसाइट पर जाने के लिए क्लिक करे www.vibhorgupta.webs.com

अगर आपको मेरा ब्लॉग अच्छा लगा तो आप इसे follower पर क्लिक कर follow कर सकते है | मैं आपका सदैव आभारी रहूँगा |

धन्यवाद |

Saturday, December 31, 2011

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें-

मेरे मौला इस नव वर्ष में देश की माटी को ऐसा वरदान देना
बन जाए भारत विश्व गुरु फिर से, विश्व में वो पहचान देना
शीष उठा कर जिये हिन्दुस्तानी, जहाँ में  ऐसा सम्मान देना 
नव वर्ष की मंगल बेला पर भारत भू को आन-बान-शान देना

शत्रु ना देख पाए आँख उठा कर भी, गद्दी को वो स्वाभिमान देना
प्रेम-भाव हो चारो और, जन-जन में सत्य, धर्म और ईमान देना 
भ्रष्ट, दुष्ट, पापियों को भी सदबुद्धिबल और सद्ज्ञान देना
राम-राज का हो सपना साकार धरा पर राम-कृष्ण जैसे भगवान् देना

आप सभी मित्रो को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें| ईश्वर आपके जीवन में सुख, समृद्धि, सम्पन्नता, ऐश्वर्य, और सफलता प्रदान करें|
-विभोर गुप्ता 

Wednesday, December 21, 2011

श्रीमदभगवद गीता पर प्रतिबंध-


हाल ही में रूस द्वारा श्रीमद भगवद गीता पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है| इस सन्दर्भ में मेरी एक नई रचना कुछ मुक्तकों द्वारा..... आप सभी के स्नेह एवं आशीष को आतुर...

आज कृष्ण पूछ रहे अर्जुन से एक सवाल देश में
भगवत गीता पर कैसा मचा हुआ बवाल विदेश में
हिन्दुस्तानी  संस्कृति, सभ्यता पर प्रतिबंध लगने लगा
किन्तु सत्ता लोभियों के रक्त में नहीं कोई उबाल देश में |

चुप्पी  क्यों साधे है हिन्दू, अपने विशाल देश में
कोई दूसरा धर्म होता तो आ जाता महाकाल देश में
रणभूमि में कर्म की रीत को पढ़ाने वाले पाठ का
अपमान हो रहा, आदर्श और शिष्टाचार से कंगाल देश में |

राम, कृष्ण की भूमि पर हो रहे अजब कमाल देश में
सिंहों का वंश ओढ़े हुआ गीदड़ की खाल देश में
आज गीता पर प्रतिबंध, कल रामायण पर लगेगा
हिन्दू संस्कृति को नष्ट करने की है ये चाल विदेश में |
-विभोर गुप्ता 

Monday, December 19, 2011

"टूटते सितारों की उड़ान"


मेरी नई पुस्तक "टूटते सितारों की उड़ान" एक अनोखा काव्य संग्रह...जिसमें आपको हर रस और रंग की 166 कवितायें एक साथ पढ़ने का मौका मिलेगा...यह काव्य संग्रह अब आपको प्राप्त हो सकती है.....इस काव्य संग्रह को प्राप्त करने के लिये और अपनी प्रति सुनिश्चित कराने के लिए आज ही सम्पर्क करे....

 सत्यम शिवम्- 9934405997

Thursday, December 15, 2011

कोटि-कोटि नमन-

आज विजय दिवस पर उन सभी शहीदों को श्रद्धांजलि स्वरुप एक मुक्तक, जिन्होंने 1971 के युद्ध में अपने आप को देश के लिए न्यौछावर कर दिया था|

कोटि-कोटि नमन है, जिन्होंने अपनी जान गंवाई थी
भारत माँ की रक्षा की खातिर सीने पर गोली खायी थी
इस धरती के लिए कितना शुभ मंगल दिन होगा वो
जब बलिदानी माँ की कोखों ने ऐसी संताने जन्माई थी|
-विभोर गुप्ता

Wednesday, November 30, 2011

जागो कलमकारों


देश में आज-कल का माहौल ही कुछ ऐसा ही कि लिखना पड़ रहा है.......

लाखों-करोड़ों हिन्दुस्तानी सडकों पर भूखे मर रहे है,
राजशाह लूट-लूट खजाना अपने तहखानें भर रहे है,
जागो कलमकारों, अपनी कलम से अब देश जगाओ
अरे, वतन के ठेकेदार, वतन का सौदा कर रहे है |
-विभोर गुप्ता 

Saturday, November 26, 2011

सरदारनी ने जन्म दिया

26 नवम्बर 2008 में मुंबई में आतंकी हमले के बाद भी भारतीय प्रधानमंत्री के खून गरम नहीं होने पर मैंने एक छंद लिखा था| आज तीन साल बाद उसे आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ|

सरदारनी ने जन्म दिया, सरदारनी का दूध पिया,
......................सरदारनी के आँचल की छाँव तुम पले हो
पगड़ी बाँध बन जट, सिंह उपनाम रख,
.....................गुरु गोविन्द के अनुयायियों का वेश तुम ढले हो
आन-बान-शान पर जान को लुटाने वाले
....................सिक्खों का इतिहास भूल किस हाथ तुम छले हो
कैसा ये तुम्हारा राज, कहाँ है कृपाण आज,
...................शौर्य को ठुकराकर कायरता की किस राह तुम चले हो |
-विभोर गुप्ता